Short Stories

उलझन – by Dany Solanki

“सुनो तो”, “हां”, में जब पीछे मुड़ा तो, छः साल का एक नन्हा सा बालक अपनी आँखों में कुछ सवाल लिए खड़ा था | “मुझे कुछ पूछना था”, उसने कहा | “क्या?” “तुम्हारी जेब में क्या है?” “मेरी जेब में?” “हाँ, तुम्हारी जेब में” “कुछ नहीं, मेरी जेब में बस थोड़ी सी उलझन है” “उलझन?” […]

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